Monday, May 18, 2009

Lyrics Keliche Sukale Baag/Bag (केळीचे सुकले बाग)

गीत : ए.आर.देशपांडे
संगीत : कवी अनिल
गायिका : उषा मंगेशकर


केळीचे सुकले बाग आसुनिया पाणी
कोमेजली कोवळी पाने असुनी निगरानी ||ध्रु||

अशी कुठे लागली आग जळती जसे वारे
कुठे तरी पेटला वणवा भड़के बन सारे ||१||

किती दूरची लागे झळ आतल्या जीवा
गाभ्यातील जीवनरस सुकत ओलावा ||२||

किती जरी घटले पाणी सावळी केळी
केळीचे सुकले प्राण बघुनी भवताली ||३||





English Version :


keliche sukale bag aasuniya pani
komejali kawli pane asuni nigrani ||

ashi kuthe lagali aag jalati jase ware
kuthe tari petala wanwa bhadake ban sare ||1||

kiti doorchi lage zal aatalya jeewa
gabhaytil jeewanras sukat olawa ||2||

kiti jari ghatale pani sawali keli
keliche sukale pranbaghuni bhawatali ||3||
मूळ पान (Home Page) लाभले अम्हास भाग्य बोलतो मराठी । जाहलो खरेच धन्य ऐकतो मराठी ॥ धर्म, पंथ, जात एक जाणतो मराठी । एवढ्या जगात माय मानतो मराठी ॥